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HP & The Deathly Hallows [Chapter one : (3)]

लेखक : J. K. Rowling
Review by : krishna kant
विजिट्स: 218
शब्द: 900
प्रकाशन तिथि: अगस्त 31, 2007
"मेरे मालिक, यहाँ पर भी हमारे पास एक फायदा है," येक्सली ने कहा, जो अनुमोदन के एक छोटे से कतरे के लिए दृढ़ लग रहा था। "जादूई आवागमन विभाग के अंदर अब हमारे कई लोग तैनात हैं। अगर पॉटर धूमिल होता है या चिमनियों के जरिए जाता है, तो हमें तत्काल पता चल जाएगा।" "वह इन दोनों में से किसी का इस्तेमाल नहीं करेगा," स्नेप ने कहा। "फौज, मंत्रालय द्वारा निर्देशित या चलाए जा रहे किसी भी आवागमन के रास्ते को त्याग रहे हैं; वे उस जगह से संबंधित हरेक बात पर अविश्वास कर रहे हैं।" "बहुत खूब," वोल्डेमॉर्ट ने कहा। "उसे खुले में जाना होगा। पकड़ना आसान रहेगा।" वोल्डेमॉर्ट धीरे-धीरे झूलते शरीर के लिए फिर से ऊपर देखा और आगे बढ़ा, "मैं खुद उस लड़के की खिदमत करूँगा। हैरी पॉटर के मामले में कई सारी गलतियाँ हो चुकीं हैं। कुछ तो मेरी ही हैं। पॉटर का जिंदा होना, उसकी जीत से ज्यादा मेरी गलतियों का नतीजा है।" सभी लोगों ने वोल्डेमॉर्ट को संदेह से देखा, हरेक ने, लेकिन उनके हावभाव, डर का संकेत दे रहे थे कि वे हैरी के वजूद के लिए जिम्मेदार करार दिए जाएंगे। वोल्डेमॉर्ट दूसरों से ज्यादा खुद से बात करता नजर आ रहा था, अभी तक ऊपर बेहोश शरीर को सुनाते हुए। "मैं लापरवाह रहा, और किस्मत और मौके भी हठ करते रहे, सभी बेकार, पर अच्छी तरह बिछाई गईं योजनाएं। किसी ने मेरा साथ नहीं दिया। पर अब मैं ज्यादा अच्छी तरह से समझता हूँ। अब मैं वे बातें भी समझता हूँ जिन्हें पहले नहीं समझता था, नकार दिया करता था। हैरी पॉटर को मारने वाला सिर्फ और सिर्फ मुझे ही होना चाहिए, और मैं ही होऊँगा।" इन्ही शब्दों पर, लगता था कि इनका जवाब हो, अचानक से एक विलाप ध्वनित हुआ, एक भयावह, दर्द और कष्ट की टूटती चीख। मेज पर कईयों में से नीचे देखने लगे, हतप्रभ, क्योंकि आवाज का मसला उनके पैरों के नीचे से ही आया था। "वर्मटेल," वोल्डेमॉर्ट ने कहा, उसकी शांत और विचारोंभरी आवाज में कोई बदलाव लाए बिना और ऊपर घूमते हुए शरीर से अपनी आँखें हटाए बिना, "क्या मैंने तुम्हें हमारे कैदी को चुपचाप रखने के लिए नहीं कहा था?" "जी हाँ, म-मालिक," आधी मेज पर से एक छोटे आदमी के मुंह से एक फुसफुसाहट भर निकली, जो अपनी कुर्सी पर इतना नीचे होकर बैठा था कि पहली नजर में, कुर्सी खाली जान पड़ती थी। अब वह झटपट अपनी सीट से उठा और कमरे से सरपट भागा, अपने पीछे चाँदी सी चमक के अलावा और कुछ ना छोड़ते हुए। "जैसा कि मैं कह रहा था," वोल्डेमॉर्ट ने जारी रखा, अपने चेलों के चिंतित चेहरों की ओर दोबारा से देखकर, "मैं अब ज्यादा अच्छी तरह से समझता हूँ। उदाहरण के लिए, पॉटर को मारने से पहले, मुझे तुममें से किसी एक की छड़ी उधार लेनी होगी।" उसके आसपास के चेहरों में सिवाय एक सदमे के अलावा और कुछ नजर ना आया; ऐसा लगता था मानो उसने उनके दोनों हाथों में एक माँग लिया हो। "कोई नहीं?" वोल्डेमॉर्ट ने कहा। "देखते हैं . . . लुसियस, मुझे नहीं लगता कि तुम्हारे पास एक छड़ी होने का अब कोई औचित्य है।" लुसियस मैलफोय ने ऊपर देखा। आग की रोशनी में उसकी खाल पीली और मोम की बनी लग रही थी, और आँखें डूबी हुईं, कालेपन से घिरी थीं। जब वह बोला तो उसकी आवाज बैठी हुई थी। "मालिक?" "तुम्हारी छड़ी, लुसियस। मुझे तुम्हारी छड़ी चाहिए।" "मैं . . ." मैलफोय ने बगल में अपनी पत्नी को ओर देखा। वह सीधे सामने देख रही थी, चुप और पीली जैसा कि वह था, उसके लम्बे भूरे बाल उसकी कमर तक झूल रहे थे, लेकिन मेज के नीचे उसकी पतली उँगलियाँ, लुसियस की कलाई पर हल्के से कस गईं। उसके छूने से, मैलफोय ने अपने कपड़ों में अपना हाथ डाला, अपनी छड़ी निकाली, और वोल्डेमॉर्ट की ओर बढ़ा दी, जिसने अपनी लाल आँखों के साथ उसे ऊपर उठा लिया, बारीकी से परीक्षण के लिए। "ये क्या है?" "वृहद् वृक्ष की टहनी, मेरे मालिक," मैलफोय धीरे से बोला। "और खासियत?" "ड्रैगन - ड्रैगन का जीवनांश।" "ठीक," वोल्डेमॉर्ट ने कहा। उसने अपनी वाली निकली और दोनों की लम्बाई की तुलना की। लुसियस मैलफोय ने एक अनअपेक्षित हलचल की; एक पल से भी कम के लिए, ऐसा लगता था जैसे कि उसने सोचा, वोल्डेमॉर्ट बदले में अपनी उसे दे देगा। ये भाव वोल्डेमॉर्ट से छुप नहीं सके, जिसकी आँखें घृणा से चौड़ी हो गयीं। "अपनी छड़ी तुम्हें दे दूँ, लुसियस? अपनी छड़ी?" भीड़ में से कुछ हंसे, भद्दे तरीके से। "मैंने तुम्हें तुम्हारी आजादी दी, लुसियस, क्या तुम्हारे लिए इतना काफी नहीं है? पर मैंने गौर किया है कि तुम और तुम्हारा परिवार खुश नहीं लग रहे हैं . . . किस वजह से? कहीं तुम्हारे घर में मेरा होना तुम्हें नाखुश तो नहीं कर रहा है, लुसियस?" "नहीं - ऐसा कुछ नहीं है, मालिक!" "ऐसे झूठ, लुसियस . . ." एक धीमी सरसराहट सी आवाज आती रही, उस निर्दयी मुंह बंद होने के बाद भी। एक या दो जादूगर ज्यादा से ज्यादा थोड़ा कंप गए, जब सरसराहट और तेज हो गयी; मेज के नीचे कोई भारी सी चीज, फर्श पर सरकती सी सुनाई दे रही थी।
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