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anaya सारांश

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Masti mein zumati hui....

(3 समीक्षा)
लेखक :anaya  संक्षेपक:ambalika
मस्ती का आलम मेरे भी अंदर मचल रहा था…. ..गर बाहर निकल आता काश…. अब तक कली से फूल बन चुकी होती वो….. Read Abstract
प्रकाशन तिथि: अगस्त 27, 2009 विजिट्स: 74 शब्द : 300

......क्या मै गलत हूं?

(2 समीक्षा)
लेखक :anaya  Review by:ambalika
एक लडकी ने अपने बॉयफ्रैन्ड से इसलिए शादी कर ली कि रिश्ता कायम रहे।... इससे पहले दो=तीन बार की नाकामियाबी के बाद उसे लगा कि अब इस बार सही साथी मिल गया Read Review
प्रकाशन तिथि: जनवरी 22, 2009 विजिट्स: 113 शब्द : 600

नेता लोग लेते क्या है और देते क्या है.....

(2 समीक्षा)
लेखक :anaya  Review by:ambalika
लगता है कि इन्हें कच्चा चबा जाएं ; इनको हंसते हुए देख कर लगता है कि इनके दांत तोड दिए जाएं, फिर नकली ही क्यों ना हो।.... Read Review
प्रकाशन तिथि: फरवरी 23, 2009 विजिट्स: 92 शब्द : 600

Jara milaa kar humse nazar!

(2 समीक्षा)
लेखक :anaya  Review by:ambalika
aaj apana dil akela hai…. dhund raha hai koi naya dar… jo chaahe bulaalen humen.. jara milaa kar humse nazar! Read Review
प्रकाशन तिथि: मार्च 2, 2009 विजिट्स: 22 शब्द : 300

7.जंगल में मोर नाचा…

(1 समीक्षा)
लेखक :anaya  Review by:ambalika
“बंदर की माफिक नहीं छगुजी…कुत्ते की माफिक भौका जाता है!…पर अब मै जा रही हूं!आप क्यों चाय-पानी की तकलिफ उठा रहे है?”देना इधर उधर देखती हुई बोली. Read Review
प्रकाशन तिथि: फरवरी 15, 2009 विजिट्स: 52 शब्द : 600

8.जंगल में मोर नाचा…

(1 समीक्षा)
लेखक :anaya  Review by:ambalika
” मै तो आपके पिताजी को चौपट अंकल कहता हूं देनाजी! और टकला मै मगन को कहता हू!…देखिए ना वो टकला अभी तक कोल्ड्रिंक ले कर नहीं आया Read Review
प्रकाशन तिथि: फरवरी 16, 2009 विजिट्स: 32 शब्द : 600

9. जंगल में मोर नाचा...

(1 समीक्षा)
लेखक :anaya  Review by:ambalika
चौपट्जी ने बहुतेरी कोशिश की कि कमसे कम एक हाथ तो छगन की पकड से छूटे.... लेकिन छगन का जोर और जवानी उन पर भारी पड गई।... यह देख कर उनकी बेटी देना हंस पड Read Review
प्रकाशन तिथि: फरवरी 18, 2009 विजिट्स: 179 शब्द : 300

सिर्फ दो दिल जरुरी...

(1 समीक्षा)
लेखक :anaya  संक्षेपक:ambalika
जब मिलना होता है जरुरी.... कडकती धूप, मिच-मिचाती आंखें... खंडहर की टूटी-फूटी दीवारें... पतझड के मौसम का सरुर.... पीपल का ठूंठ मगरुर..... Read Abstract
प्रकाशन तिथि: फरवरी 10, 2009 विजिट्स: 20 शब्द : 300

फिल्म 'बेवफा' भी खूब है।

(1 समीक्षा)
लेखक :anaya  Review by:ambalika
हमने फिल्म' बेवफा' देखी।... ज्यादा पुरानी भी नहीं है।... कलाकार भी अच्छे है, जैसे कि...करीना कपूर, अक्षय कुमार, अनिल कपूर, सुश्मिता सेन वगैरा, वगैरा। Read Review
प्रकाशन तिथि: फरवरी 12, 2009 विजिट्स: 139 शब्द : 600

जब आगजनी को हमने'-गजनी' कहा....

(1 समीक्षा)
लेखक :Anaya  संक्षेपक:ambalika
' गजनी-गंधा फुल तुम्हारे महके यूं ही जीवन में....' हम हैरान तो नहीं, पर हक्के-बक्के रह गए।.... Read Abstract
प्रकाशन तिथि: दिसम्बर 27, 2008 विजिट्स: 51 शब्द : 300
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